कबीर जी को मारने के लिए उन्हें खूनी हाथी के आगे बांध कर डाला गया। लेकिन अविनाशी कबीर जी ने हाथी को शेर रूप दिखा दिया। जिससे हाथी भयभीत होकर भाग गया। सबने कबीर जी की जय जयकार की।
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